उत्तराखण्ड की किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं में रक्ताल्पता (एनीमिया) की व्यापकता की समीक्षा करना
Dr. Chhavi Arya
, Babita , Dr. Dimple Bhatt
शब्द संकेत - रक्ताल्पता, पोषण शिक्षा, संतुलित पौष्टिक आहार, किशोरी बालिकाऐं, वयस्क महिलाऐं
सारांश - भारत में किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं में रक्ताल्पता वर्तमान में राष्ट्र के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है | भारत में NFHS-5 के आंकड़ों के अनुसार किशोरी बालिकाओं में रक्ताल्पता रोग के प्रचलन में NFHS-4 की तुलना में 5 प्रतिशत (59.1 प्रतिशत) एवं प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में 4 प्रतिशत ( 57.0 प्रतिशत) की वृद्धि देखी गई है | किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं में रक्ताल्पता की समस्या निर्धनता, खान - पान में लापरवाही एवं लैंगिक असमानता, माहवारी में अत्यधिक रक्तस्राव, पोषण शिक्षा का अभाव एवं कृमि संक्रमण आदि कारणों से होती है | गर्भावस्था में रक्ताल्पता के कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जैसे आकस्मिक गर्भपात, प्रसव के समय अधिक रक्तस्राव, मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु आदि | किशोरावस्था में बालिकाओं को संतुलित पौष्टिक आहार की अधिक आवश्यकता होती है, जो इनके भविष्य में उत्तम स्वास्थ्य एवं सुरक्षित मातृत्व के लिए नितांत आवश्यक है | यदि किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर पर समुचित ध्यान नहीं दिया जाता है, तो वे शीघ्र ही रक्ताल्पता रोग के चपेट में आ जाती हैं | उत्तराखण्ड में NFHS-4 की तुलना में NFHS-5 के आँकड़े यह दर्शाते हैं कि राज्य में किशोरी बालिकाओं में रक्ताल्पता में 6 प्रतिशत एवं प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में रक्ताल्पता के प्रचलन में 3 प्रतिशत की गिरावट आयी है, परन्तु अब भी यह आँकड़ा 40 प्रतिशत से अधिक है | उत्तराखण्ड राज्य की ग्रामीण एवं निम्न आयु वर्ग से आने वाली महिलाओं को पोषण सम्बन्धी जानकारी औपचारिक तौर पर आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा केवल गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ही दी जाती है | अन्य महिलाओं को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं के विषय में कम जानकारी होती है | यह महिलाऐं उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित लाभ नहीं उठा पाती हैं | महिलाओं की इन स्थितियों को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए रक्ताल्पता के उन्मूलन हेतु विभिन्न योजनाओं जैसे पोषण अभियान, एनीमिया मुक्त भारत अभियान आदि संचालित की जा रही हैं|
"उत्तराखण्ड की किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं में रक्ताल्पता (एनीमिया) की व्यापकता की समीक्षा करना ", IJSDR - International Journal of Scientific Development and Research (www.IJSDR.org), ISSN:2455-2631, Vol.8, Issue 7, page no.1211 - 1220, July-2023, Available :https://ijsdr.org/papers/IJSDR2307179.pdf
Volume 8
Issue 7,
July-2023
Pages : 1211 - 1220
Paper Reg. ID: IJSDR_207888
Published Paper Id: IJSDR2307179
Downloads: 000347469
Research Area: Social Science and Humanities
Country: Nainital, Uttarakhand , India
ISSN: 2455-2631 | IMPACT FACTOR: 9.15 Calculated By Google Scholar | ESTD YEAR: 2016
An International Scholarly Open Access Journal, Peer-Reviewed, Refereed Journal Impact Factor 9.15 Calculate by Google Scholar and Semantic Scholar | AI-Powered Research Tool, Multidisciplinary, Monthly, Multilanguage Journal Indexing in All Major Database & Metadata, Citation Generator
Publisher: IJSDR(IJ Publication) Janvi Wave