SANGEET KI TINO VIDHAO MEN ( SHASHTRIYA, UPSHASTRIYA, SUGAM SANGEET) GEET EK ADHYAN
संगीत, गीत, शब्द, राग, बंदिश
संगीत वह माध्यम है जो हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान बताता है । संगीत हमारी अमूल्य धरोहर है, विरासत है, जो सदियों तक जन कल्याण में प्रेम व सद्भाव का संदेश देती है । यह एक ऐसी कला है जो भावनाओं की अभिव्यक्ति द्वारा सरल, सुंदर रूप से प्रस्फुटित होती है । पं. शारंगदेव कृत संगीत रत्नाकर के अनुसार – गायन, वादन एवं नृत्य तीनों को संगीत कहा जाता है । 1 ‘गीयते इति गीतम’। 2 अर्थात जो गाया जाता है उसे ‘गीत’ कहते है । संवेदना के साथ गाय जानेवाला ‘गीत’ संगीत कहलाता है । हमेशा से ‘गीत’ गाने की परंपरा रही है । ये कोई नहीं बता सकेगा की पहले हम या ‘गीत’? इसका उत्तर यही हो सकता है – मनुष्य के साथ ही गीत का जन्म हुआ होगा । गीत का प्रारंभिक रूप अथवा उसका निरंतर विकास जैसा भी रहा हो ये गीत हमारे जीवन से जुड़े हुए है । शास्त्रीय संगीत, उपशास्त्रीय संगीत और सुगमसंगीत इन तीनों विधाओं को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अंग गीत ही है। इस शोध कार्य में तीनों विधाओ के अंतर्गत आनेवाले गीत का महत्व, उसके घटक (स्वर, शब्द, ताल), उसकी आवश्यकता इत्यादि विषयों पर अध्ययन किया गया है ।
"SANGEET KI TINO VIDHAO MEN ( SHASHTRIYA, UPSHASTRIYA, SUGAM SANGEET) GEET EK ADHYAN", IJSDR - International Journal of Scientific Development and Research (www.IJSDR.org), ISSN:2455-2631, Vol.9, Issue 2, page no.700 - 705, February-2024, Available :https://ijsdr.org/papers/IJSDR2402107.pdf
Volume 9
Issue 2,
February-2024
Pages : 700 - 705
Paper Reg. ID: IJSDR_210223
Published Paper Id: IJSDR2402107
Downloads: 000347488
Research Area: Arts
Country: NAGPUR, MAHARASHTRA, India
ISSN: 2455-2631 | IMPACT FACTOR: 9.15 Calculated By Google Scholar | ESTD YEAR: 2016
An International Scholarly Open Access Journal, Peer-Reviewed, Refereed Journal Impact Factor 9.15 Calculate by Google Scholar and Semantic Scholar | AI-Powered Research Tool, Multidisciplinary, Monthly, Multilanguage Journal Indexing in All Major Database & Metadata, Citation Generator
Publisher: IJSDR(IJ Publication) Janvi Wave